Computer Based Test (CBT)
आज के डिजिटल युग में परीक्षाओं का तरीका तेजी से बदल रहा है। पहले जहाँ ज्यादातर परीक्षाएँ कागज-कलम से होती थीं, वहीं अब अधिकतर प्रतियोगी और सरकारी परीक्षाएँ Computer Based Test (CBT) के माध्यम से कराई जा रही हैं। CBT ने परीक्षा प्रक्रिया को तेज, पारदर्शी और अधिक सुरक्षित बना दिया है। इस लेख में हम सरल भाषा में जानेंगे कि CBT क्या है, यह कैसे होती है और इसके क्या फायदे हैं।
Computer Based Test (CBT) क्या होता है?
Computer Based Test (CBT) एक ऐसी परीक्षा प्रणाली है जिसमें उम्मीदवार कंप्यूटर पर प्रश्नों के उत्तर देते हैं। इसमें प्रश्न स्क्रीन पर दिखाई देते हैं और उत्तर माउस या कीबोर्ड की मदद से चुने जाते हैं। CBT परीक्षा आमतौर पर ऑनलाइन या किसी अधिकृत परीक्षा केंद्र के कंप्यूटर सिस्टम पर आयोजित की जाती है।
CBT परीक्षा कैसे होती है?
CBT परीक्षा की प्रक्रिया आमतौर पर निम्न चरणों में होती है:
रजिस्ट्रेशन और एडमिट कार्ड
उम्मीदवार को पहले ऑनलाइन आवेदन करना होता है और एडमिट कार्ड डाउनलोड करना होता है।
परीक्षा केंद्र पर लॉगिन
परीक्षा केंद्र पर उम्मीदवार को कंप्यूटर सिस्टम दिया जाता है, जिसमें रोल नंबर या यूजर आईडी से लॉगिन कराया जाता है।
ऑन-स्क्रीन निर्देश
परीक्षा शुरू होने से पहले स्क्रीन पर जरूरी निर्देश दिखाए जाते हैं।
प्रश्न हल करना
प्रश्न एक-एक करके या सेक्शन के अनुसार स्क्रीन पर आते हैं। उम्मीदवार उत्तर चुनकर सेव करता है।
सबमिट और टाइम समाप्ति
समय पूरा होने पर परीक्षा अपने आप सबमिट हो जाती है।
CBT परीक्षा में पूछे जाने वाले प्रश्नों के प्रकार
CBT में सामान्यतः निम्न प्रकार के प्रश्न होते हैं:
- मल्टीपल चॉइस प्रश्न (MCQ)
- सही-गलत आधारित प्रश्न
- संख्यात्मक और तार्किक प्रश्न
- कुछ परीक्षाओं में टाइपिंग या डिस्क्रिप्टिव सेक्शन
Computer Based Test (CBT) के फायदे (Benefits)
CBT परीक्षा के कई महत्वपूर्ण लाभ हैं:
- तेज और पारदर्शी मूल्यांकन
- रिजल्ट जल्दी जारी होते हैं
- मानव त्रुटि की संभावना कम
- पर्यावरण के अनुकूल, कागज की बचत
- प्रश्नपत्र लीक होने की संभावना कम
CBT परीक्षा के नुकसान (Disadvantage)
हालाँकि CBT के फायदे अधिक हैं, फिर भी कुछ सीमाएँ हैं:
- कंप्यूटर का कम ज्ञान रखने वालों को परेशानी
- तकनीकी समस्या की संभावना
- ग्रामीण क्षेत्रों में संसाधनों की कमी
कौन-कौन सी परीक्षाएँ CBT मोड में होती हैं?
भारत में कई प्रमुख परीक्षाएँ CBT के माध्यम से आयोजित होती हैं, जैसे:
- SSC (Staff Selection Commission)
- Railway Recruitment Board (RRB)
- Banking Exams (IBPS, SBI)
- CUET और अन्य प्रवेश परीक्षाएँ
- विभिन्न राज्य स्तरीय प्रतियोगी परीक्षाएँ
CBT परीक्षा की तैयारी कैसे करें?
CBT परीक्षा में सफल होने के लिए:
- नियमित ऑनलाइन मॉक टेस्ट दें
- कंप्यूटर की बेसिक जानकारी रखें
- टाइम मैनेजमेंट पर ध्यान दें
- स्पीड और एक्यूरेसी दोनों बढ़ाएँ
- पुराने प्रश्नपत्रों का अभ्यास करें
निष्कर्ष
Computer Based Test (CBT) परीक्षा प्रणाली ने शिक्षा और भर्ती प्रक्रिया को आधुनिक और सुविधाजनक बना दिया है। सही तैयारी और थोड़ी-सी कंप्यूटर समझ के साथ कोई भी उम्मीदवार CBT परीक्षा में अच्छा प्रदर्शन कर सकता है। आने वाले समय में अधिकांश परीक्षाएँ CBT मोड में ही आयोजित होने की संभावना है, इसलिए इसकी जानकारी और अभ्यास बेहद जरूरी है।
🔹 FAQ Section
Q1. Computer Based Test (CBT) क्या होता है?
CBT एक ऐसी परीक्षा प्रणाली है जिसमें उम्मीदवार कंप्यूटर पर ऑनलाइन तरीके से प्रश्नों के उत्तर देते हैं। इसमें कागज-कलम का उपयोग नहीं होता।
Q2. CBT परीक्षा और Offline परीक्षा में क्या अंतर है?
CBT परीक्षा कंप्यूटर पर होती है, जबकि Offline परीक्षा कागज पर। CBT में रिजल्ट जल्दी आता है और प्रक्रिया ज्यादा पारदर्शी होती है।
Q3. क्या CBT परीक्षा में कंप्यूटर आना जरूरी है?
हाँ, CBT परीक्षा के लिए कंप्यूटर की बेसिक जानकारी जैसे माउस और कीबोर्ड का उपयोग आना जरूरी है।
Q4. CBT परीक्षा में किस प्रकार के प्रश्न पूछे जाते हैं?
अधिकतर CBT परीक्षाओं में Multiple Choice Questions (MCQ) पूछे जाते हैं, कुछ में टाइपिंग या डिस्क्रिप्टिव प्रश्न भी होते हैं।
Q5. CBT परीक्षा की तैयारी कैसे करें?
CBT परीक्षा की तैयारी के लिए ऑनलाइन मॉक टेस्ट दें, टाइम मैनेजमेंट सीखें और नियमित अभ्यास करें।
Q6. कौन-कौन सी सरकारी परीक्षाएँ CBT मोड में होती हैं?
SSC, Railway, Banking, CUET और कई राज्य स्तरीय परीक्षाएँ CBT मोड में आयोजित की जाती हैं।





